लंदन।। दुनिया के सबसे बड़े शो और खेलों के महाकुंभ 'ओलंपिक-2012' का लंदन में शुक्रवार मध्य रात्रि में भव्य आगाज हो गया। जब लंदन में 30 वें ओलिम्पिक गेम्स की औपचारिक शुरुआत हुई तब भारतीय समयानुसार रात के डेढ़ बज रहे थे। यह तीसरा मौका है जबकि लंदन में दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के लिये खिलाड़ियों का जमावड़ा जुटा है। इससे पहले 1908 और 1948 में भी लंदन ओलंपिक की मेजबानी कर चुका है।
ओपनिंग सेरमनी की जब शुरुआत हुई तो लंदन का ओलिम्पिक पार्क सितारों से जगमगा गया है। कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के साथ जेम्स बॉन्ड भी ओलिम्पिक पार्क पहुंचे। इसके अलावा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन और प्रिंस चार्ल्स भी अपनी टीम का मनोबल बढाने के लिए मौजूद थे। साथ में स्लम डॉग मिलेनियर के डायरेक्टर डैनी बॉयल भी अपनी टीम के साथ नज़र आए।
उदघाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनिया भर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उदघाटन समारोह का नाम ‘आयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा।
समारोह में नेशनल हेल्थ सर्विस की सेवा भावना भी दिखाई गई। इसमें पूरा स्टेडियम नर्सों और हॉस्पिटल के बेड से भर गया फिर नर्सों और मरीजों ने डांस किया। इसके बाद हैरी पॉटर सीरीज की राइटर जेके रोलिंग अपनी जादुई कहानियों के साथ आईं और स्टेडियम में जादुई कैरेक्टर छा गए। सिंफनी ऑर्केस्ट्रा के परफॉर्मेंस के दौरान एक की-बोर्ड पर कॉमिक ऐक्टर मिस्टर बीन अपनी मजाकिया हरकतों के साथ डटे रहे।
इसके बाद एक-एक करके सभी देशों के ऐथलीट्स आए, जिसमें परंपरा के तौर पर सबसे पहले ग्रीस आया। इसके बाद सभी देश ऐल्फाबेटिकली ऑर्डर में आए। भारत का झंडा पहलवान सुशील कुमार ने थामा। भारत के दल में महिलाओं ने पीले रंग की साड़ी पहनी थी। पुरुषों ने पीले साफे के साथ नीली टाई भी पहनी।
कार्यक्रम के अंत में आतिशबाजी से पूरा ओलिम्पिक पार्क नहा उठा। स्टेडियम के नजदीक कई किलोमीटर तक ओपनिंग सेरमनी का भव्य नजारा देखने को मिल रहा था। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का जोश देखते बन रहा था। स्टेडियम में जहां भी नजर जा रही थी हर तरफ रोशनी ही रोशनी नज़र आ रही थी।
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