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Sports News

IPL 6 : दिल्ली डेयरडेविल्स को पुणे वॉरियर्स ने 38 रनों से हराया

pwi_new233पुणे।। आईपीएल सीजन 6 के अपने आखिरी मुकाबले में पुणे वॉरियर्स ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 38 रन से हरा दिया। 173 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 134 रन ही बना सकी। एकबार फिर दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज नहीं टिक सका।

सिर्फ मुरलीधन गौतम ने 30 रन की ठीक-ठाक पारी खेली। पुणे के लिए अली मुर्तजा और एंजिलो मैथ्यूज को तीन-तीन विकेट मिले जबकि अशोक डिंडा ने भी दो विकेट हासिल किए। इससे पहले पुणे ने कप्तान एरोन फिंच के 52 और ल्यूक राइट के तबातोड़ 44 रन की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 172 रन का स्कोर खड़ा किया था।

फिक्सिंग मामले पर बीसीसीआई ने आपात बैठक बुलाई

bcci_new33232323नई दिल्ली।। फिक्सिंग मामले को लेकर बीसीसीआई ने रविवार को आपात बैठक बुलाई है। बीसीसीआई ने कहा है कि वह आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के सनसनीखेज मामले पर रविवार को एक आपात बैठक करेगी। इस आपात बैठक में कार्यकारिणी के सभी अहम सदस्य शामिल होंगे।

बैठक में स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार किये गये तीन खिलाड़ियों के भविष्य और फिक्सिंग के कारणों पर चर्चा की जायेगी। इस बीच आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने कहा है, मैच फिक्सिंग मामले फंसे खिलाड़ी अगर दोषी पाये जाता हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

आईपीएल में मैच फिक्सिंग के खेल का खुलासा एक दिन में नहीं हुआ, इस पर पुलिस का शक पिछले साल श्रीलंका के एक फाइव स्टार होटल में हुई पार्टी के बाद गहराया। कोलंबो में हुई उस पार्टी को बुकीज ने ही ऑर्गनाइज किया था और दिल्ली से लड़कियों और ड्रग्स की सप्लाई की गई थी।

IPL मतलब, इंडियन प्रीमियर लीग या इंडियन दागी लीग !

ipl_6आशीष चौबे, नई दिल्ली।। आईपीएल. बोले तो इंडियन प्रीमियर लीग. लेकिन कुछ विवादों ने इसको कई नाम दे डाले हैं. मसलन इंडियन पैसा लीग, इंडियन पचड़ा लीग, इंडियन पकाऊ लीग और जाने क्या क्या. इस बार आईपीएल की साख पर थोड़ा और बट्टा लगा और फिर से नामकरण हो गया. अबकी बार नाम मिला इंडियन फिक्सिंग लीग. 2008 में आईपीएल की आधारशिला रखी गई और तब से ही इसको अलग अलग तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

कभी आईपीएल, पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की वजह से सुर्खियों में रहा, तो कभी चीयर लीडर्स ने इसे आलोचकों के निशाने पर रखा, एक मौका तो ऐसा भी आया जब दो भारतीय खिलाड़ी अलग अलग फ्रेंचाईजी टीमों से खेलते हुए आपस में ही भिड़ गए, तो थप्पड़ की गूंज ने आईपीएल को फिर से कमेंट का शिकार बना दिया. लेकिन ये कुछ ऐसे विवाद थे, जिसका बहुत प्रतिकूल असर दर्शकों पर नहीं पड़ा और सभी ने इन विवादों के बीच आईपीएल को जमकर एंजॉय किया. 2008 से शुरु हुआ आईपीएल का सफ़र 2013 में पहुंच चुका है. इस बीच बड़े बदलावों को इस अट्रैक्टिव लीग ने देखा और जिया है. फिर चाहे इसके प्रेजेंटेशन का हर बार बदलता तरीका हो, नियमों में थोड़े फेरबदल हों, देश से बाहर (साउथ अफ्रीका) आईपीएल का आयोजन हो या फिर कुछ नई फ्रेंचाईजी टीमों( पुणे वॉरियर्स, सनराईजर्स हैदराबाद, डेक्कन चार्जर्स और कोच्चि टसकर्स) का आना जाना हो. लेकिन लोगों ने आईपीएल और इसके देशी, विदेशी खिलाड़ियों को हर बार सिर आंखों पर बिठाया है।

जिस बात का डर क्रिकेट में हमेशा लगा रहता है, वो आईपीएल के पिछले पांचो सीजन में तो उजागर नहीं हुई, लेकिन छठे सीज़न में फिक्सिंग के फांस में आईपीएल दाग़दार हो ही गया. भले मैच फिक्सिंग न हुई हो, लेकिन स्पॉट फिक्सिंग भी कोई छोटी बात नहीं है. इस बार नाम तीन भारतीय क्रिकेटरों (एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण, अजीत चंडीला ) का सामने आया है, पुलिस के पास इनके फिक्सिंग में फंसे होने के पुख्ता सबूत भी हैं।

लोगों को सबसे बड़ा झटका श्रीसंत का नाम आने से लगा है. जो लोग आज तक स्टेडियम और इसके बाहर श्रीसंत का नाम गर्व से अपने माथे और पोस्टर पर लिख कर श्रीसंत श्रीसंत चिल्लाते नजर आते थे, वही आज श्रीसंत के पोस्टर पर जूते मारकर श्रीसंत श्रीसंत चिल्लाते नजर आ रहे हैं. लेकिन इस सब से एक बात तो साफ होती है कि पैसे की भूख किसी को भी कुछ भी करने के लिए राज़ी कर सकती है, फिर चाहे वो देश के साथ ग़द्दारी हो या अपने ज़मीर के साथ. अब सवाल उठता है कि ये सब रुके कैसे. बीसीसीआई की इस पैसा लीग में करप्शन को रोकने के लिए आईसीसी भी निगरानी करती है, लेकिन फिर भी ऐसे कामों को रोक नहीं पाती।

बीसीसीआई के मुताबिक उसने हर तरीके से पारदर्शी तौर पर इस लीग को कराने के उपाय किए हैं, और कोई ऐसा दरवाज़ा भी खुला नहीं छोड़ा जहां से कुछ गड़बड़ हो सके. लेकिन ऐसे कामों को अंजाम देने के लिए बीसीसीआई की नाक के नीचे कितने गुप्त दरवाजे और रोशनदान बनें हैं, इस बारे में बीसीसीआई को गंभीरता से सोचने की जरुरत है. वरना एक दिन ऐसा भी आ सकता है कि हर एक बॉल पर लगे चौके और छक्के को दर्शक शक की निगाह से देखेंगे. खैर ये बात सही है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसे मामलों के सामने आने के बाद ना केवल उस खिलाड़ी की बदनामी होती है, बल्कि उस देश की भी होती है जिसका अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ये खिलाड़ी प्रतिनिधित्व करते हैं।

मैं व्यक्तिगत तौर पर इन खिलाड़ियों का न तो बचाव कर रहा हूं, न ही किसी भी तरह का समर्थन. लेकिन क्या इन खिलाड़ियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद इनके नामों को इस तरीके से प्रदर्शित किया जाना ठीक है ? क्या आंतरिक रुप से किसी एक्शन कमिटी को इन पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ?  फिर चाहे गुप्त तरीके से इन पर लाइफ टाइम बैन लगाकर इन्हें खेलने से रोका जाना ही क्यूं न हो. क्योंकि इन पर हुई कार्रवाई पब्लिक डोमेन में आने के बाद इन खिलाड़ियों के साथ साथ देश को भी बदनाम करती है, साथ ही खेल के प्रति लोगों के उत्साह और प्यार को कम ही नहीं बल्कि ख़त्म भी कर सकती है. और इसका असर पूरी खिलाड़ी कौम पर भी पड़ेगा, जो एक खेल और उससे जुड़ी प्रतियोगिता के लिहाज़ से बिल्कुल भी ठीक नहीं लगता.

भारत का ओलिम्पिक में भाग लेने का रास्ता तैयार

olympic_new23नई दिल्ली।। इंटरनैशनल ओलिम्पिक कमिटी की हर मांग को मानने के लिए तैयार होने के बाद भारत का ओलिम्पिक में भाग लेने का रास्ता तैयार हो गया है। बैठक में आईओए के चुनाव महीने भर में कराने और सालाना आम बैठक में आईओए के संविधान में संशोधन करने पर भी सहमति बन गई है।

इसके अलावा आईओए 5 दिसम्बर को हुए चुनावों को रद्द करने के निर्देश को भी मानने के लिए तैयार है। इसके अलावा उम्र और कार्यकाल को लेकर भी आईओए आईओसी के हर निर्देश को मानने के लिए तैयार है। आईओसी के साथ ये मीटिंग खेल मंत्रालय और आईओए के प्रतिनिधियों के बीच हुई।

स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्रिकेटर श्रीसंत समेत तीन गिरफ्तार

srisant554नई दिल्ली।। आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में क्रिकेटर श्रीसंत समेत तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। श्रीसंत, अंकित और अजीत चंदेलिया राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी हैं।

सभी को मुंबई के होटल ट्राइडेंट से अरेस्ट किया गया। खिलाडियों के अलावा सात सट्टेबाजों को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है। इनमें से चार दिल्ली से और तीन सट्टेबाज मुंबई से गिरफ्तार किये गये हैं।

पुलिस को कई और खिलाड़ियों पर भी शक है।फोन कॉल रिकॉर्ड के जरिये दिल्ली पुलिस ने सभी को शिकंजे में लिया। गिरफ्तार खिलाडियों पर मोहाली और मुंबई में हुए मैंच के अलावा कई मैंच में फिक्सिंग का आरोप है। सभी पर आईपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस को ज्यादा शक मुंबई में कल हुए राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियन के बीच हुए मैच पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 6 और 7 मई को क्रिकेटर सट्टेबाजों से मिले थे। राजस्थान रायल्स ने अपने इन खिलाड़ियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में पूरी मदद करने का भरोसा दिया है। बीसीसीआई अध्यक्ष श्रनिवासन ने कहा है कि आरोपी दोषी पाये गये तो उन पर कार्रवाई की जायेगी।