सीरिया के अशांत होम्स शहर और उत्तरी इदलिब क्षेत्न में सेना की कार्रवाई में 60 से अधिक लोग मारे गए हैं।इस बीच अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास ने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धविराम की अपील की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होम्स शहर से लगे बाबा आमरो के समीप विद्रोहियों पर सैनिकों द्वारा की गई बमबारी में कम से कम 30 लोग मारे गए। उन्होंने बताया कि उत्तरी इदलिब क्षेत्न में जा पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर सेना ने गोलीबारी जिससे 33 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सीरियाई सैनिकों ने राजधानी दमिश्क में भी कल रात प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थी। इस गोलीबारी में चार लोगों के घायल होने की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास समिति 'आईसीआरसी'ने सीरिया के सैन्य अधिकारियों एवं विद्रोहियों से युद्ध विराम के लिये कहा है ताकि होम्स शहर सहित अन्य प्रभावित इलाकों में नागरिकों को सहायता पहुंचाई जा सके। आईसीआरसी के अध्यक्ष जेकब केलनबर्गर ने कहा..यह युद्ध विराम रोज कम से कम दो घंटे के लिए होना चाहिए जिससे समिति के सदस्य और सीरियाई अरब रेड क्रीसेन्ट के स्वंयसेवक प्रभावितों को पर्याप्त सहायता पहुंचाने के साथ ही घायलों और बीमार लोगों को बचाया जा सके। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रमुख बान की मून ने कहा है कि वह सीरिया में जारी संघर्ष और मौजूदा हालात के राजनीतिक समाधान के लिए एक समन्वयक की तलाश कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि ईरान ने उसके जाँचकर्ताओं को एक अहम सैन्य ठिकाने पर जाने से रोक दिया है। ये आशंका जताई जा रही है कि तेहरान से 30 किलोमीटर दूर स्थित परचिन ही वो केंद्र है जहाँ परमाणु हथियरों के लिए विस्फोटकों का परिक्षण किया गया था। आईएईए के मुताबिक गहन बातचीत के बावजूद तेहरान के पास परचिन में जाकर जाँच करने के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। जाँचकर्ता इस बात की पड़ताल करना चाहते थे कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कोई संभावित सैन्य पहलू तो नहीं हैं। आईएईए का कहना है कि दो दिन तक चली बातचीत के बाद टीम ईरान से बिना किसी समझौते के लौट रही है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के डायरेक्टर जनरल यूकिया अमानो ने इस बात पर निराशा जताई कि ईरान ने परचिन जाने की अनुमति नहीं दी।ईरान ने आईएईए के बयान कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।पिछले हफ़्ते ईरान ने कहा था कि परमाणु सामग्री तैयार करने के लिए नए उपकरण तैयार हो गए है।
फ्लोरिडा।। अमेरिका में भारतीय मूल की एक महिला नेहा पटेल को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अपने एक साल के बेटे को डुबो कर मार दिया। घटना फ्लोरिडा की है। यहां भारतीय मूल के राशेष पटेल, पत्नी नेहा, 4 साल की बेटी और एक साल के बेटे के साथ रहते हैं। 32 वर्षीय नेहा बेटे की डिलीवरी के बाद से ही डिप्रेशन में थी। इसी चिड़चिड़पन की वजह से नेहा बेटे को अक्सर मारती-पिटती भी थी। पिछले दिनों नेहा का पति अपनी बिटिया को सुबह स्कूल छोड़ने चला गया। उसके बाद वह घर लौटा और नाश्ता करके काम पर चला गया। घर में मां-बेटा अकेले थे। बाद में नेहा ने पुलिस को बताया कि ईशान उसकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने लगा तो उसे दूर रखने के लिए पहले उसने थप्पड़ मारे, फिर उसे बाथरूम में आधे भरे बाथटब में पटक कर बाहर चली गई। करीब 10 मिनट बाद वह लौटी। तब तक ईशान की सांसें उखड़ चुकी थीं। नेहा ने मेडिकल या पुलिस हेल्प बुलाने की बजाय उसके शव को तौलिए में लपेटा और कार लेकर बाहर निकल गई। जबकि वह इन इमर्जेंसी नंबरों को जानती थी और उन्हें बुलाने के लिए उसके पास फोन भी मौजूद था। शाम को उसका पति राशेष जब घर लौटा तो उसने मां-बेटे को गायब पाया। उसने पुलिस को सूचना दी और यह भी बताया कि नेहा डिप्रेशन में चल रही है और कई दिनों से वह दवाई भी नहीं ले रही थी। पर तब तक उसे यह अंदाज नहीं था कि नेहा ईशान का मर्डर भी कर चुकी है। अगले दिन नेहा घर लौटी और यह बता कर कि उसने बच्चे को मार दिया है, जल्दी से घर से निकल गई। जब तक उसका पति कुछ कर पाता वह भाग गई और फ्लोरिडा के तांपा इंटरनैशनल एयरपोर्ट की पार्किंग में छुप गई। वहीं से पुलिस ने उसे अरेस्ट किया। उसने बताया कि वह खुदकुशी करना चाहती थी, पर जब भी छत पर जाने कोशिश करती कोई न कोई आ जाता और वह कार में ही दुबक जाती। हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पहले उसका इलाज किया जा रहा है।
वाशिंगटन: अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका जहां एक तरफ ईरान को अलग-थलग करने के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने में लगा है वहीं ईरान से तेल आयात जारी रखने का भारत का फैसला अमेरिका के मुंह पर तमाचा है।
स्वीडन में एक व्यक्ति को शुक्रवार को एक जंगल ट्रैक पर 2 महीने तक बर्फ में दबी उसकी कार से जिन्दा बाहर निकाला गया। उसके पास खाने के लिए कुछ नहीं था।