Wed02222012

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International News

सीरिया में 60 से अधिक लोग मरे,रेडक्रास ने युद्धविराम के लिए कहा

seriyaसीरिया के अशांत होम्स शहर और उत्तरी इदलिब क्षेत्न में सेना की कार्रवाई में 60 से अधिक लोग मारे गए हैं।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास ने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धविराम की अपील की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होम्स शहर से लगे बाबा आमरो के समीप विद्रोहियों पर सैनिकों द्वारा की गई बमबारी में कम से कम 30 लोग मारे गए। उन्होंने बताया कि उत्तरी इदलिब क्षेत्न में जा पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर सेना ने गोलीबारी जिससे 33 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सीरियाई सैनिकों ने राजधानी दमिश्क में भी कल रात प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थी। इस गोलीबारी में चार लोगों के घायल होने की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास समिति 'आईसीआरसी'ने सीरिया के सैन्य अधिकारियों एवं विद्रोहियों से युद्ध विराम के लिये कहा है ताकि होम्स शहर सहित अन्य प्रभावित इलाकों में नागरिकों को सहायता पहुंचाई जा सके। आईसीआरसी के अध्यक्ष जेकब केलनबर्गर ने कहा..यह युद्ध विराम रोज कम से कम दो घंटे के लिए होना चाहिए जिससे समिति के सदस्य और सीरियाई अरब रेड क्रीसेन्ट के स्वंयसेवक प्रभावितों को पर्याप्त सहायता पहुंचाने के साथ ही घायलों और बीमार लोगों को बचाया जा सके। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रमुख बान की मून ने कहा है कि वह सीरिया में जारी संघर्ष और मौजूदा हालात के राजनीतिक समाधान के लिए एक समन्वयक की तलाश कर रहे हैं।

ईरान ने आईएईए जाँचकर्ताओं को अनुमति नहीं दी

iran-nuclear-weapons-graphic1अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि ईरान ने उसके जाँचकर्ताओं को एक अहम सैन्य ठिकाने पर जाने से रोक दिया है। ये आशंका जताई जा रही है कि तेहरान से 30 किलोमीटर दूर स्थित परचिन ही वो केंद्र है जहाँ परमाणु हथियरों के लिए विस्फोटकों का परिक्षण किया गया था। आईएईए के मुताबिक गहन बातचीत के बावजूद तेहरान के पास परचिन में जाकर जाँच करने के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। जाँचकर्ता इस बात की पड़ताल करना चाहते थे कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कोई संभावित सैन्य पहलू तो नहीं हैं। आईएईए का कहना है कि दो दिन तक चली बातचीत के बाद टीम ईरान से बिना किसी समझौते के लौट रही है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के डायरेक्टर जनरल यूकिया अमानो ने इस बात पर निराशा जताई कि ईरान ने परचिन जाने की अनुमति नहीं दी।ईरान ने आईएईए के बयान कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।पिछले हफ़्ते ईरान ने कहा था कि परमाणु सामग्री तैयार करने के लिए नए उपकरण तैयार हो गए है।

 

हत्यारी मां ने एक साल के बेटे को बाथटब में डुबो दिया

son_murderफ्लोरिडा।। अमेरिका में भारतीय मूल की एक महिला नेहा पटेल को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अपने एक साल के बेटे को डुबो कर मार दिया। घटना फ्लोरिडा की है। यहां भारतीय मूल के राशेष पटेल, पत्नी नेहा, 4 साल की बेटी और एक साल के बेटे के साथ रहते हैं। 32 वर्षीय नेहा बेटे की डिलीवरी के बाद से ही डिप्रेशन में थी। इसी चिड़चिड़पन की वजह से नेहा बेटे को अक्सर मारती-पिटती भी थी। पिछले दिनों नेहा का पति अपनी बिटिया को सुबह स्कूल छोड़ने चला गया। उसके बाद वह घर लौटा और नाश्ता करके काम पर चला गया। घर में मां-बेटा अकेले थे। बाद में नेहा ने पुलिस को बताया कि ईशान उसकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने लगा तो उसे दूर रखने के लिए पहले उसने थप्पड़ मारे, फिर उसे बाथरूम में आधे भरे बाथटब में पटक कर बाहर चली गई। करीब 10 मिनट बाद वह लौटी। तब तक ईशान की सांसें उखड़ चुकी थीं। नेहा ने मेडिकल या पुलिस हेल्प बुलाने की बजाय उसके शव को तौलिए में लपेटा और कार लेकर बाहर निकल गई। जबकि वह इन इमर्जेंसी नंबरों को जानती थी और उन्हें बुलाने के लिए उसके पास फोन भी मौजूद था। शाम को उसका पति राशेष जब घर लौटा तो उसने मां-बेटे को गायब पाया। उसने पुलिस को सूचना दी और यह भी बताया कि नेहा डिप्रेशन में चल रही है और कई दिनों से वह दवाई भी नहीं ले रही थी। पर तब तक उसे यह अंदाज नहीं था कि नेहा ईशान का मर्डर भी कर चुकी है। अगले दिन नेहा घर लौटी और यह बता कर कि उसने बच्चे को मार दिया है, जल्दी से घर से निकल गई। जब तक उसका पति कुछ कर पाता वह भाग गई और फ्लोरिडा के तांपा इंटरनैशनल एयरपोर्ट की पार्किंग में छुप गई। वहीं से पुलिस ने उसे अरेस्ट किया। उसने बताया कि वह खुदकुशी करना चाहती थी, पर जब भी छत पर जाने कोशिश करती कोई न कोई आ जाता और वह कार में ही दुबक जाती। हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पहले उसका इलाज किया जा रहा है।

‘तेल आयात पर भारत का फैसला यूएस पर तमाचा’

burns435वाशिंगटन: अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका जहां एक तरफ ईरान को अलग-थलग करने के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने में लगा है वहीं ईरान से तेल आयात जारी रखने का भारत का फैसला अमेरिका के मुंह पर तमाचा है। अमेरिका के राजनीतिक मामलों के पूर्व उप विदेश मंत्री निकोलस बर्न्‍स ने समसामयिक पत्रिका द डिप्लोमैट में लिखा है, ‘हम जैसे उन लोगों के लिये यह दुखद खबर है जिन्होंने भारत के साथ संबंध बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। यह पिछले तीन अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों को भी झटका है जिन्होंने भारत सरकार के साथ करीबी तथा रणनीतिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की।’ भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार को अमली जामा पहनाने में बर्न्‍स बुश प्रशासन के प्रमुख सूत्रधार थे। पत्रिका में आज प्रकाशित लेख में बर्न्‍स ने कहा है, ‘‘ईरान मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भारत का अलग रूख अपनाना अमेरिका के मुंह पर न केवल तमाचा है बल्कि यह अमेरिका की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़ा करता है।’ भारत ने ईरान से तेल आयात कम करने से मना कर दिया। वह अपने कुल तेल आयात में से 12 प्रतिशत के लिये ईरान पर निर्भर है। हाल ही में बर्न्‍स ने द बोस्टन ग्लोब में अपने लेख में यह दलील दी थी कि अमेरिका को भारत के साथ महत्वकांक्षी, दीर्घकालीन रणनीतिक संबंधों को लेकर प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए। उन्होंने लिखा था, ‘मैं दोनों देशों के लिये इसके महत्व को समझता हूं।’ बर्न्‍स ने कहा ‘ईरान मामले में भारत का असहयोगी रवैया, अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते के क्रियान्वयन में गतिरोध और इसके बाद अब भारत सरकार सक्रिय तौर पर अमेरिका के साथ जो रणनीतिक रिश्ते बनने चाहिये थे उसमें भी बाधा खड़ी कर रही है।’ बर्न्‍स ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा पूर्व राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने कई मौकों पर भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिये अपनी प्रतिबद्धतायें जताई लेकिन दुर्भाग्य से भारत ने ओबामा और बुश की पेशकश के जवाब में वैसी गर्मजोशी नहीं दिखाई।

2 महीने बाद बर्फ से निकला जिंदा इंसान

Snow11_fस्वीडन में एक व्यक्ति को शुक्रवार को एक जंगल ट्रैक पर 2 महीने तक बर्फ में दबी उसकी कार से जिन्दा बाहर निकाला गया। उसके पास खाने के लिए कुछ नहीं था। पुलिस और स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। फिलहाल व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है। दक्षिणी स्वीडन का रहने वाला 45 वर्षीय इस व्यक्ति को जब कार से बाहर निकाला गया तो वह कुछ शब्दों के अलावा कुछ नहीं बोल पाया। वह काफी कमजोर और दुबला -पतला हो गया है। यह व्यक्ति पिछले 19 दिसम्बर से अपनी कार की पिछली सीट पर एक स्लीपिंग बैग में पड़ा था। इस व्यक्ति को बर्फ हटाने वाले कर्मचारियों ने उत्तरी स्वीडन के उमेया शहर से कुछ दूर पाया गया। पहले तो कर्मचारियों को लगा की उन्हें कोई कार का मलबा मिला है लेकिन जब वे बर्फ हटा कर कार की खिड़की तक पहुंचे तो उन्हें कार के अन्दर कुछ हरकत दिखी। ऐसा माना जा रहा है कि पिछले दो महीनों से वो पिघली हुई बर्फ़ को पीकर ही ज़िंदा रहा। पुलिस का कहना है कि इस इलाक़े में पिछले कुछ दिनों में तापमान शून्य से 30 डिग्री नीचे चला गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों का कहना है कि हालात को देखते हुए वे बेहतर स्थिति में हैं। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर वे मानकर चलते हैं कि चार हफ़्तों तक बिना खाने बिना ज़िंदा रहा जा सकता है। एक डॉक्टर ने अख़बार को बताया है कि यह व्यक्ति इतने दिन इसलिए ज़िंदा रह पाया होगा क्योंकि वह किसी तरह की हाईबरनेशन या शीतस्वापन में चला गया होगा।