रेलवे में सुरक्षा के करीब सवा लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं। इतने पदों के रिक्त रहने पर रेलवे की उच्च स्तरीय समिति ने चिंता जताई है। समिति ने इन पदों को समयबद्ध तरीके से छह महीने में भरने की सिफारिश की है। परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोदकर की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय संरक्षा समीक्षा समिति ने सुपरवाइजर और कर्मचारियों के सभी रिक्त पदों को भरने की सिफारिश की है। रेलवे में सुरक्षा को चुस्त बनाने के उद्देश्य से गठित इस समिति ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को सौंपी है। national,international & Beauty/Health
रेलवे में 6 महीने में सवा लाख पद भरे जाएंगे
रेलवे में सुरक्षा के करीब सवा लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं। इतने पदों के रिक्त रहने पर रेलवे की उच्च स्तरीय समिति ने चिंता जताई है। समिति ने इन पदों को समयबद्ध तरीके से छह महीने में भरने की सिफारिश की है। परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोदकर की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय संरक्षा समीक्षा समिति ने सुपरवाइजर और कर्मचारियों के सभी रिक्त पदों को भरने की सिफारिश की है। रेलवे में सुरक्षा को चुस्त बनाने के उद्देश्य से गठित इस समिति ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को सौंपी है। अभी कुछ और दिन हॉस्पिटल में रहेंगे अमिताभ
मुंबई।। बॉलिवुड के शंहशाह अमिताभ बच्चन ने कहा है कि उनकी सेहत में सुधार होने के बावजूद अभी उन्हें कुछ दिनों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल में रहना पड़ सकता है। वैसे उनके पूरी तरह से स्वस्थ होने में अभी महीनों लगेंगे। बिग बी ने ट्वीट किया 'मुझे घर जाने से पहले हॉस्पिटल में कुछ और दिन रहना पड़ सकता है लेकिन घर पर पूरी तरह से स्वस्थ होने में कुछ महीने लगेंगे। 69 वर्षीय अमिताभ को यहां 11 फरवरी को अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उनके पेट की दो सर्जरी हुई थी। इसके बाद भी उन्होंने दर्द की शिकायत की थी और डॉक्टरों को उन्हें निगरानी में रखना पड़ा। उनका सर्जरी के बाद का दर्द कम हो गया है और डॉक्टर उनकी सेहत में सुधार देखते हुए संतुष्ट हैं। अमिताभ को नहाने और बेहतर डाइट लेने की इजाजत दे दी गई है। अमिताभ बीते 10 दिन से अस्पताल में हैं। उन्हें इस बात की खुशी है कि अब उन्हें चलने-फिरने की मनाही नहीं है। साल 1982 में आई 'कुली' की शूटिंग के दौरान हुई दुर्घटना में अमिताभ बुरी तरह घायल हुए थे। तभी से उन्हें पेट में तकलीफ शुरू हुई थी।सीरिया में 60 से अधिक लोग मरे,रेडक्रास ने युद्धविराम के लिए कहा
सीरिया के अशांत होम्स शहर और उत्तरी इदलिब क्षेत्न में सेना की कार्रवाई में 60 से अधिक लोग मारे गए हैं।इस बीच अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास ने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धविराम की अपील की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होम्स शहर से लगे बाबा आमरो के समीप विद्रोहियों पर सैनिकों द्वारा की गई बमबारी में कम से कम 30 लोग मारे गए। उन्होंने बताया कि उत्तरी इदलिब क्षेत्न में जा पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर सेना ने गोलीबारी जिससे 33 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सीरियाई सैनिकों ने राजधानी दमिश्क में भी कल रात प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थी। इस गोलीबारी में चार लोगों के घायल होने की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास समिति 'आईसीआरसी'ने सीरिया के सैन्य अधिकारियों एवं विद्रोहियों से युद्ध विराम के लिये कहा है ताकि होम्स शहर सहित अन्य प्रभावित इलाकों में नागरिकों को सहायता पहुंचाई जा सके। आईसीआरसी के अध्यक्ष जेकब केलनबर्गर ने कहा..यह युद्ध विराम रोज कम से कम दो घंटे के लिए होना चाहिए जिससे समिति के सदस्य और सीरियाई अरब रेड क्रीसेन्ट के स्वंयसेवक प्रभावितों को पर्याप्त सहायता पहुंचाने के साथ ही घायलों और बीमार लोगों को बचाया जा सके। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रमुख बान की मून ने कहा है कि वह सीरिया में जारी संघर्ष और मौजूदा हालात के राजनीतिक समाधान के लिए एक समन्वयक की तलाश कर रहे हैं।
समुद्री लुटेरों की गिरफ्त में 22 भारतीय
नई दिल्ली : सोमालिया तट की समुद्री डकैती की घटनाएं सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। अभी भी 22 भारतीय कार्मिक समुद्री लुटेरों की गिरफ्त में हैं। जहाजरानी मंत्रालय बंदी कार्मिकों की सुरक्षित रिहाई के प्रयास में जुटा है। जहाजरानी मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, सोमाली समुद्री लुटेरों ने विभिन्न व्यावसायिक पोतों के 242 से ज्यादा भारतीय सदस्यों का अपहरण किया था। इन जहाजों के मालिकों और प्रबंधकों के साथ सरकार के समन्वित प्रयासों से अपहृत सदस्यों में से 220 को रिहा करा लिया गया है, जबकि शेष 22 कार्मिकों की सुरक्षित रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना व अन्य एजेंसियों की मदद ली जा रही है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जी.के. वासन ने मंगलवार को चेन्नई में अमेरिकी सरकार के अंडर सेक्रेट्री के नेतृत्व में भारत आए एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए भारत-अमेरिका प्रारूप-2006 के आधार पर समुद्री डकैती जैसी घटनाओं से निपटने के लिए भारत मिलकर काम करने की संभावनाओं का विस्तार कर सकता है।
ईरान ने आईएईए जाँचकर्ताओं को अनुमति नहीं दी
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि ईरान ने उसके जाँचकर्ताओं को एक अहम सैन्य ठिकाने पर जाने से रोक दिया है। ये आशंका जताई जा रही है कि तेहरान से 30 किलोमीटर दूर स्थित परचिन ही वो केंद्र है जहाँ परमाणु हथियरों के लिए विस्फोटकों का परिक्षण किया गया था। आईएईए के मुताबिक गहन बातचीत के बावजूद तेहरान के पास परचिन में जाकर जाँच करने के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। जाँचकर्ता इस बात की पड़ताल करना चाहते थे कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कोई संभावित सैन्य पहलू तो नहीं हैं। आईएईए का कहना है कि दो दिन तक चली बातचीत के बाद टीम ईरान से बिना किसी समझौते के लौट रही है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के डायरेक्टर जनरल यूकिया अमानो ने इस बात पर निराशा जताई कि ईरान ने परचिन जाने की अनुमति नहीं दी।ईरान ने आईएईए के बयान कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।पिछले हफ़्ते ईरान ने कहा था कि परमाणु सामग्री तैयार करने के लिए नए उपकरण तैयार हो गए है।
बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत
मुंबई।। अपने पेट की सर्जरी के चलते पिछले एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। बिग भी ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि मेडिकल टीम से चर्चा के बाद लगता है कि शायद दूसरी सर्जरी न करनी पड़े। अमिताभ ने टहलने की भी इच्छा जताई है जबकि चिकित्सकों ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। पिछले हफ्ते सेवन हिल्स अस्पताल में बच्चन की सर्जरी की गई थी। बता दें कि 1982 में कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें चोट लगी थी तभी से वो पेट की बीमारी का सामना कर रहे हैं।कांग्रेस ने खोला आयोग के खिलाफ मोर्चा
नई दिल्ली।। उत्तार प्रदेश चुनाव में दूसरे दलों से जोर आजमाइश कर रही काग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से राहुल गाधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती देने के साथ ही आयोग के अधिकार क्षेत्र को भी कतरने की तैयारी है। बताते हैं कि एक मंत्रिसमूह आदर्श आचार संहिता को चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र से हटाने का एजेंडा तैयार कर चुका है। इसकी सुगबुगाहट और विपक्ष के तीखे विरोध के मद्देनजर सरकार ने हालाकि इस रिपोर्ट को पूरी तरह से शरारती बताया, लेकिन यह भी कहा, अगर पार्टिया चाहेंगी तो चुनाव सुधारों के तहत इस पर विचार हो सकता है। वहीं, चुनाव आयोग ने ऐसी चर्चाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह आयोग के अधिकारों में कटौती का प्रयास है। काग्रेसी नेता और केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्र्शीद और बेनी प्रसाद वर्मा ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग को सीधी चुनौती देने के साथ ही यह संकेत देने से गुरेज नहीं किया था कि राजनीति पहले, संयम बाद में। काग्रेस के तेवर तब और तीखे हो गए जब कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी ने राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। काग्रेस इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और महासचिव दिग्विजय सिंह ने इसकी घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं, सरकार दबे पाव आचार संहिता को चुनाव आयोग के दायरे से हटाने की तैयारी में है। बताया जाता है कि एक मंत्रिसमूह ने इसका खाका भी खींच लिया है। हालाकि, कार्मिक मंत्रालय ने इस बात से इंकार किया कि आचार संहिता को वैधानिक दर्जा देकर चुनाव आयोग के अधिकारों में कटौती का कोई प्रस्ताव है। वित्ता मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, मंत्रिसमूह के एजेंडा में ऐसा कुछ नहीं है। मुझे नहीं मालूम कि यह विचार कहा से आ गया। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, मैं संबंधित मंत्रिसमूह में शामिल हूं, लेकिन मुझे बैठक के एजेंडा के बारे में जानकारी नहीं है। सलमान खुर्शीद ने कहा, जहा तक मैं समझता हूं, यह सहमति हुई कि विस चुनाव के बाद चुनाव सुधारों पर सर्वदलीय विचार विमर्श होगा। कई सुधारों के बारे में आयोग ने खुद ही प्रस्ताव किया है। सर्वदलीय बैठक के मसौदा एजेंडा में आयोग द्वारा जारी निर्देशों को संवैधानिक दर्जा देने का मुद्दा शामिल नहीं है। इसके साथ ही खुर्शीद और काग्रेस ने यह संकेत भी दिया है कि यह असंभव नहीं है। राजनीतिक दलों की ओर से प्रस्ताव आया तो ऐसा किया जा सकता है। काग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी पहले ही पार्टी की मंशा जताते हुए कह चुके हैं कि आचार संहिता को कानूनी रूप दिया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में फैसले का अधिकार आयोग के पास नहीं, बल्कि कोर्ट के पास होगा। चुनाव आयोग ने अधिकारों में कटौती की चर्चा पर नाराजगी जाहिर की है। मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने सरकार की ऐसी कोशिश की आलोचना करते हुए कहा, वह इसका विरोध करेंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि यह आयोग के अधिकारों में कटौती का प्रयास है। एक बार कोर्ट को यह तय करने का अधिकार मिल जाएगा कि किसी नेता ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है, तो मामला कई साल तक चलता रहेगा और दोषी सत्ता सुख उठाता रहेगा। कुरैशी ने कहा, ऐसा कोई भी प्रयास निष्पक्ष चुनाव के लिए ठीक नहीं होगा। जनता भी इसे नहीं मानेगी।
हत्यारी मां ने एक साल के बेटे को बाथटब में डुबो दिया
फ्लोरिडा।। अमेरिका में भारतीय मूल की एक महिला नेहा पटेल को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अपने एक साल के बेटे को डुबो कर मार दिया। घटना फ्लोरिडा की है। यहां भारतीय मूल के राशेष पटेल, पत्नी नेहा, 4 साल की बेटी और एक साल के बेटे के साथ रहते हैं। 32 वर्षीय नेहा बेटे की डिलीवरी के बाद से ही डिप्रेशन में थी। इसी चिड़चिड़पन की वजह से नेहा बेटे को अक्सर मारती-पिटती भी थी। पिछले दिनों नेहा का पति अपनी बिटिया को सुबह स्कूल छोड़ने चला गया। उसके बाद वह घर लौटा और नाश्ता करके काम पर चला गया। घर में मां-बेटा अकेले थे। बाद में नेहा ने पुलिस को बताया कि ईशान उसकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने लगा तो उसे दूर रखने के लिए पहले उसने थप्पड़ मारे, फिर उसे बाथरूम में आधे भरे बाथटब में पटक कर बाहर चली गई। करीब 10 मिनट बाद वह लौटी। तब तक ईशान की सांसें उखड़ चुकी थीं। नेहा ने मेडिकल या पुलिस हेल्प बुलाने की बजाय उसके शव को तौलिए में लपेटा और कार लेकर बाहर निकल गई। जबकि वह इन इमर्जेंसी नंबरों को जानती थी और उन्हें बुलाने के लिए उसके पास फोन भी मौजूद था। शाम को उसका पति राशेष जब घर लौटा तो उसने मां-बेटे को गायब पाया। उसने पुलिस को सूचना दी और यह भी बताया कि नेहा डिप्रेशन में चल रही है और कई दिनों से वह दवाई भी नहीं ले रही थी। पर तब तक उसे यह अंदाज नहीं था कि नेहा ईशान का मर्डर भी कर चुकी है। अगले दिन नेहा घर लौटी और यह बता कर कि उसने बच्चे को मार दिया है, जल्दी से घर से निकल गई। जब तक उसका पति कुछ कर पाता वह भाग गई और फ्लोरिडा के तांपा इंटरनैशनल एयरपोर्ट की पार्किंग में छुप गई। वहीं से पुलिस ने उसे अरेस्ट किया। उसने बताया कि वह खुदकुशी करना चाहती थी, पर जब भी छत पर जाने कोशिश करती कोई न कोई आ जाता और वह कार में ही दुबक जाती। हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पहले उसका इलाज किया जा रहा है।मर्द के सीने में कभी दर्द नहीं होता : अभिषेक बच्चन
सभी जानते हैं कि अमिताभ इन दिनों मुंबई के अस्पताल में अपने पेट का इलाज करा रहे हैं। बावजूद इसके उनके पेट में लगातार दर्द की शिकायत आ रही है। खुद अमिताभ भी इस बात को ट्विटर पर शेयर कर चुके हैं। लेकिन जूनियर बच्चन यानि कि अभिषेक बच्चन का कहना है कि मर्द के सीने में कभी दर्द नहीं होता । जी हां अभिषेक का कहना है कि अमिताभ दर्द के बावजूद हंसी मजाक कर रहे हैं। इसलिए उनकी फिल्म मर्द का डॉयलाग मर्द के सीने में कभी दर्द नहीं होता इस वक्त उनपर बिल्कुल सटीक बैठता है।अभिषेक का कहना है कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बावजूद अपने उत्साह को बनाए रखना आसान नहीं होता। लेकिन अमिताभ वैसे ही खुश दिखते हैं जैसे वो पूरी तरह स्वस्थ हों। बता दें कि अमिताभ इस वक्त सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती हैं, जहां बीते शनिवार उनकी दो सर्जरी हो चुकी है।