Sat05252013

Last update10:32:38 AM GMT

News Room

दवा कंपनी रैनबेक्सी पर 50 करोड़ डॉलर का जुर्माना

ranbaxy434343नई दिल्ली।। जापान की दवा कंपनी रैनबेक्सी को ड्रग सेफ्टी के संबंध में 50 करोड़ डॉलर का जुर्माना देना होगा। रैनबेक्सी को जुर्माने की रकम अमेरिका के कानून मंत्रालय को देनी है। अमेरिकी सरकार ने रैनबेक्सी पर दस्तावेजों में हेराफेरी और निर्माण प्रकिया की जांच के बाद कंपनी पर आरोप तय किए थे।

दरअसल रैनबेक्सी की स्थापना 1961 में भारत में हुई थी लेकिन 2008 में इसके तत्कालीन मालिकों ने 45 करोड़ डॉलर में इसे जापान के दाइची सांक्यो समूह को बेच दिया था। इस कंपनी का कारोबार 43 देशों में फैला है और आठ देशों में इसकी 16 निर्माण इकाइयां हैं। इस कंपनी के मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण साहनी हैं।

जल्द ही प्लास्टिक के नोट जारी करेगा RBI

rbi_plastic_noteनई दिल्ली।। अभी तक आप कागज के नोट का इस्तेमाल करते रहे है लेकिन जल्द ही आप के सामने प्लास्टिक के नोट देखने को मिलेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा है कि आरबीआई ने प्लास्टिक के नोट जारी करेने का फैसला किया है।

शुरुआती दौर में परीक्षण के लिए 10 रुपये के एक अरब प्लास्टिक के नोट जारी किए जाएंगे। उसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। बैंक का मानना है कि ये नोट कागज के नोट के मुकाबले ज्यादा चलते हैं। इस तरह के नोट ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर की सरकार ने जारी किए है।

RBI की नई मौद्रिक नीति का ऐलान, रेपो रेट में कटौती

rbi56नई दिल्ली।। रिजर्व बैंक ने  मौद्रिक नीति का एलान कर दिया है। आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है। आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है।

इसी के साथ रेपो रेट घटकर 6.5 फीसदी से 6.25 फीसदी हो गया है। जबकि सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सस्ती ब्याज दरों की आस लगाए बैठे लोगों के लिए ये थोड़ी राहत भरी खबर है।

रिजर्व बैंक के इस फैसले से वाहन, घर तथा अन्य वस्तुओं पर लिए जाने वाले लोन सस्ते होंगे।

रिटेल में विदेशी निवेश को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी

fdiनई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने रिटेल में विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि इस नीति का मकसद बिचौलियों को बाजार से बाहर करना है तो ये स्वागत किए जाने लायक है। बिचौलिए भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये अभिशाप हैं और वे देश को बर्बाद कर रहे है।

जस्टिस आर. एम. लोढ़ा, जस्टिस मदन बी. लोकूर और जस्टिस कुरियन जोसेफ की तीन सदस्यों वाली खंडपीठ ने कहा कि इस नीति में कुछ भी गलत नहीं है। जिसकी वजह से इसे निरस्त किया जाए।

जजों ने कहा, कि कोर्ट नीतिगत मामलों में तब तक हस्तक्षेप नहीं करती है जब तक सरकार की नीति असंवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के खिलाफ न हो । इसके साथ ही जजों ने मल्टि ब्रैंड रीटेल सेक्टर में एफडीआई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया ।