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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बांसूरी, कृष्णावतार व रेत की कला ने बांधा समां

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123नाथद्वारा।। मिराज ग्रुप की ओर से 5आयोजित मुरारी बापू इन नाथद्वारा के तहत बांसूरीवादक बलजिंदर ने ओम जय जगदीश हरे आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत की। उन्होंने जब राजेश खन्ना व किशोर कुमार के आराधना फिल्म के गाने मेरे सपनो की रानी कब आएगी सुनाया तो कई युवा झूम-झूम कर नाच उठे। बलजिंदर के पंख होते तो उड़ आती रे तथा दमादम मस्त कलंदर पर मर्कन्द देशपांडे, मिराज सीएमडी मदन पालीवाल, पुत्र मंत्रराज पालीवाल सहित अन्य विशिष्ठ अतिथियों ने जमकर नृत्य किया।

बलजिंदर की आधा है चन्द्रमा रात आधी गाने पर सारे पंडाल में बापू के समक्ष गरबा करने की होड़ मची रही। दमादम मस्त कलंदर पर श्रोताओं ने लय ताल में ऐसी करतल ध्वनि की कि सारा पांडाल गुंजायमान हो उठा। पांडाल में करीब 15 हजार दर्शकों ने करतल ध्वनि के साथ बलजिंदर का स्वागत किया।

4बलजिंदर ने बाद में हीरो फिल्म की धून, कजरारे-कजरारे, मन डोले मेरा तन डोले, इन्हीं लोगों ने, तुझे जीवन की डोर से तथा ज्योती कलश छलके गीत सुना कर बांसूरी का जादू चलाया।

कार्यक्रम में उडिसा से आएं प्रिंस डांस ग्रुप के 22 कलाकारो के दल ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश की। इन कलाकारों ने कृष्ण बने कलाकार के साथ चांदी के रंग में रंगे कलाकारों ने कृष्ण के माखन चोरी, असुरों का वध, शेषावतार, नृसिंह अवतार, शेष नाग की शय्या पर लेटे कृष्ण, सारथी कृष्ण तथा कृष्ण के विराट स्वरूप की अद्भूत व अनुठी झांकी पेश की। कलाकारों ने जब कृष्ण की बांसूरी पर हीरों फिल्म की धून पर प्रस्तुति दी तो दर्शक झूम उठे।

कार्यक्रम में रेत के अद्भूत कलाकार नीतिश भारती ने अपने सेन्ड बॉक्स पर रेत बिखेर कर उंगलियों से फिल्मी गीतों के विभिन्न पहलुओं पर अकल्पनिय आकृतियां उकेरी। भारती ने कहने को जश्ने बहारा है, यह देख के हारा है फिल्मी गीत पर ताजमहल की अनुपम कृति उकेर कर अनुठा माहौल खडा कर दिया।

रेत के इस कलाकार ने ज्वलंत समस्या भ्रुण हत्या पर अनौखी कथा पेश की। उन्होंने कन्या भ्रुण के विकसीत होने, कन्या भ्रुण के हत्या के साथ-साथ ब्रम्हाण्ड का नजारा पेश कर अंत में कला के माध्यम से कन्या भ्रुण हत्या रोकने की सीख दी।