मुंबई।। सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई और गाली-गलौज के आरोप के बाद शाहरुख खान ने अपने घर एक प्रैस कांफरेंस की जिसमें शाहरुख ने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि मैने गुस्से में कुछ कहा हों, लेकिन मैने शराब नहीं पी रखी थी और पहले सुरक्षाकर्मियों ने गाली दी।
शाहरुख पर कोलकाता-मुंबई के मैच के बाद बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम के सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। उधर, मुंबई पुलिस के एसीपी इकबाल शेख ने कहा है कि एमसीए की तरफ से शाहरुख और उनके सहयोगी मोरानी ब्रदर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कहा, 'शाहरुख के मुंह से बदबू आ रही थी, लेकिन उन्होंने शराब नहीं पी थी। वो एमसीए और बीसीसीआई के अधिकारियों के खिलाफ गालियां और धमकियां दे रहे थे। जब एसीपी से पूछा गया कि शाहरुख नशे में थे या नहीं इसका पता लगाने के लिए उनका टेस्ट क्यों नहीं कराया गया, उन्होंने कहा, 'हम उस समय मामले को सुलझाना चाहते थे इसलिए उनका मेडिकल नहीं कराया गया.'
इस मामले में शाहरुख खान से पूछताछ की जायेगी। इसके साथ ही घटना के वक्त मैदान पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाएगी। लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स के सूत्रों के मुताबिक, 'शाहरुख खान के साथ आए कुछ बच्चे मैदान में खेल रहे थे। तभी एक सुरक्षाकर्मी ने उनमें से एक बच्चे को धक्का दे दिया।बच्चे ने शारहुख से शिकायत की। इसके बाद शाहरुख ने गार्ड से पूछा कि धक्का क्यों दिया? गार्ड ने कहा कि नियम के मुताबिक बच्चा मैदान में नहीं खेल सकता। इस पर शाहरुख ने कहा कि नियम जो भी हो लेकिन बच्चे को धक्का नहीं दिया जा सकता। इस पर बात बढ़ गई और दोनों तरफ से धक्कामुक्की और गाली-गलौज होने लगी।'
इस घटना के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के कोषाध्यक्ष रवि सावंत ने कहा है कि शाहरुख के स्टेडियम में घुसने पर पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि एमसीए अध्यक्ष विलासराव देशमुख ने कहा है कि अभी बैन का फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह गंभीर मामला है। अभी शाहरुख पर बैन नहीं लगाया गया है। एमसीए की बैठक में फैसला लिया जाएगा कि उन पर बैन लगाया जाए या नहीं।'
सवाल ये है कि रवि सावंत ने निजी हैसियत से कैसे बैन का ऐलान कर दिया। एमसीए के उपाध्यक्ष और बीसीसीआई के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर रत्नाकर शेट्टी ने भी कहा है कि उन्हें बैन के बारे में पता नहीं। आईपीएल कमिश्नर और बीसीसीआई सदस्य राजीव शुक्ल भी बैन की बात पर मुहर लगाने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होनें कहा, 'मैं एमसीए से रिपोर्ट मांग रहा हूं और बैन पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।'