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चीन के लिए चिंता का सबब बन सकता है कर्ज

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2016-12-29 10:15:18.0

चीन के लिए चिंता का सबब बन सकता है कर्ज

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दुनिया की फैक्ट्री कहे जाने वाले चीन में हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ के भविष्य में लड़खड़ाने का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल रॉयटर्स का अध्ययन कुछ ऐसा ही कहता है।

रॉयटर्स का एक अध्ययन बताता है कि चीन भारी कर्ज लेकर इकोनॉमिक ग्रोथ करने में जुटा है और यह स्थिति लंबे समय नहीं रह सकती। आम लोगों पर बढ़ते कर्ज, प्रॉपर्टी में अप्रत्याशित उछाल और बढ़ते कॉर्पोरेट कर्ज के चलते मार्केट भविष्य में बुरी तरह लड़खड़ा सकता है।

चीन ने 2009 से शुरू किया ग्रोथ बढ़ाने का सिलसिला

चीन ने साल 2009 में वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान 600 बिलियन डॉलर यानी करीब 40,874 अरब रुपये का प्रोग्राम लॉन्च किया था। दरअसल चीन ने यह कदम देश की इकॉनमिक ग्रोथ को बढ़ाने के इरादे से उठाया था। उसके बाद सरकारी संस्थाओं से कर्ज लेने की लहर चल गई, लेकिन अब यह स्थिति एक बड़ा बोझ साबित हो रही है। इस साल चीन का कर्ज का स्तर उसकी जीडीपी के 250 फीसदी तक पहुंच चुका है, जिसमे से सबसे ज्यादा कर्ज सरकारी कंपनियों का है।

इस साल ग्रोथ लक्ष्य से चूंक सकती है चीन की इकोनॉमी

चीन की इकोनॉमी इस साल 6.5 फीसदी से 7 फीसदी तक के अपने ग्रोथ के लक्ष्य से चूंकती नजर आ रही है। ऐसे में सरकार एक बार फिर से कर्ज के ही भरोसे इकोनॉमी को रफ्तार देने की तैयारी कर रही है। कई अर्थशास्त्रियों का यह भी कहना था कि चीन की तरह जिन देशों ने तेजी से कर्ज लेकर इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश की, वे जल्दी ही संकट में घिर गए।

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