Home » धर्म समाचार » अक्सर मनुष्य अपने भविष्य के संदर्भ में चिंतित रहता है

अक्सर मनुष्य अपने भविष्य के संदर्भ में चिंतित रहता है

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2016-12-29 10:18:34.0

अक्सर मनुष्य अपने भविष्य के संदर्भ में चिंतित रहता है

Share Post

अक्सर मनुष्य अपने भविष्य के संदर्भ में चिंतित रहता है। वह अतीत और भविष्य के बारे में सोचता रहता है और वर्तमान की कोई परवाह नहीं करता, जबकि जीवन वर्तमान में ही है। कल कभी नहीं आता, जो है आज है और अभी है। जो समय बीत गया, उसे याद करके मनुष्य को पछताना नहीं चाहिए।

अगर अतीत में मनुष्य से कोई गलती हुई भी है, तो उसे उससे सबक लेकर अपने वर्तमान को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करना चाहिए। मनुष्य को भविष्य में आने वाले संकट को देखकर भी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यदि मनुष्य का वर्तमान आनंदित है, तो उसका भविष्य भी सुंदर होगा। जीवन जीने की कला का सूत्र यही है कि जन्म लेना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन इस जीवन को सुंदर कैसे बनाया जाय, यह हमारे हाथ में है। मनुष्य को हमेशा अपने साथ ईमानदारी से पेश आना चाहिए। उसका दोहरा नहीं, बल्कि एक ही व्यक्तित्व होना चाहिए। उसे अपनी शक्तियों और कमजोरियों का सटीक अनुमान होना चाहिए। वह अपने जीवन में क्या होना-बनना चाहता है, इसके लिए उसे अपनी क्षमता का आकलन करना चाहिए।

जो व्यक्ति अपना सही मूल्यांकन नहीं कर पाते, वे अक्सर असफल होते हैं और इसके बाद वे अपने भाग्य को कोसते हैं, या फिर दूसरे को दोष देते हैं। इसके विपरीत सच्चाई यह है कि जब सपने हमारे हैं, तो कोशिशें भी हमारी हैं और इससे मिली सफलता या असफलता भी हमारी है। जब सफलता मिलती है, तो व्यक्ति कहता है कि यह उसकी मेहनत का फल है, लेकिन वह असफल होता है, तो भाग्य को कोसता है, जबकि सच्चाई यह है कि असफलता यह सिद्ध करती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं किया गया। सफलता मनुष्य की इच्छाशक्ति के अधीन होती है। हालांकि केवल इच्छा करने भर से बात नहीं बनती है, बल्कि इच्छा को दृढ़ संकल्प में बदलना होता है। मन, बुद्धि और शरीर से इच्छित सफलता को पाने के लिए कठोर परिश्रम करने को तत्पर होना पड़ता है।

जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास का अभाव होता है, वह अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर सकता है। जब एक छोटा-सा बीज, विशाल वृक्ष बनने की इच्छाशक्ति रख सकता है, तो मनुष्य अपना आत्मविश्वास इतना दृढ़ क्यों नहीं कर सकता है कि वह अपने व्यक्तित्व का विकास कर सके। अपना आत्मविश्वास दृढ़ करके मनुष्य को हमेशा अपने संकल्प को दृढ़ करना चाहिए।

Like Us
Share it
Top