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शांति और समृद्धि के लिए अपनाएं आसान वास्तु उपाय

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2016-11-04 13:05:41.0

शांति और समृद्धि के लिए अपनाएं आसान वास्तु उपाय

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वायु, अग्नि, पृथ्वी, आकाश एवं जल। इन्हीं पांच तत्वों के संतुलन के लिए किए गए उपायों को हम वास्तु शास्त्र में पाते हैं। इन तत्वों की अपनी-अपनी दिशा भी है और उन्हीं के अनुरूप वास्तु शास्त्र में उपाय सुझाए गए हैं।

इन पांच तत्वों का संतुलन नहीं होने पर उसमें वास करने वालों पर कोप होता है। घर में बहुत छोटी-छोटी सी चीजों को दुरुस्त करके हम घर को वास्तु अनुरूप बना सकते हैं। अगर घर में चीजों को थोड़ा व्यवस्थित कर दिया जाए तो शांति और तरक्की की राह खुल सकती है। बहुत सी ऐसी छोटी-छोटी चीजें हैं जिनकी तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता है लेकिन अगर उन्हें ठीक कर लिया जाए तो वास्तु के लिहाज से हम दोषों से बचाव कर सकते हैं। परिवार में शांति और समृद्धि के लिए कुछ ऐसे वास्तु उपाय जिन्हें हर कोई आसानी से अपना सकता है।

धन रखने की दिशा

घर में लॉकर या तिजोरी में धन रखते हैं तो एहतियात रखें कि वह उत्तर दिशा में ही खुले। वास्तु के नियमानुसार लॉकर दक्षिण-पश्चिम की दीवार से सटा होना चाहिए ताकि यह उत्तर दिशा में खुल सके। यह मान्यता इसलिए है क्योंकि भगवान कुबेर की दिशा उत्तर है। साथ ही धन रखने वाला लॉकर फोकस लाइट के नीचे नहीं होना चाहिए। इससे घर के साथ ही बिजनेस में भी वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हल्दी की गांठ व दाल चीनी की छाल जिस किसी भी घर में रहती है वहां लक्ष्मीजी की कृपा सदैव बनी रहती है।

नल से न टपके पानी

चूंकि घर में अमूमन कुछ समय पश्चात नल टपकने लगते हैं इसलिए लोग इसे अनदेखा कर देते हैं लेकिन वास्तु के अनुरूप यह ठीक नहीं है। अगर नल टपकता है तो यह बड़े आर्थिक नुकसान का सूचक माना गया है। वास्तु के अनुसार, नल से पानी का टपकते रहना धीरे-धीरे धन के खर्च होने का सूचक भी होता है। इसलिए नल खराब होने पर या लीक होने पर उसे तुरंत सुधरवाना चाहिए। नल का टपकना एक प्रतीक भी है।

उत्तर-पूर्व में न हों सीढ़ियां

मकान बनवाते हुए कभी भी उत्तर पूर्व दिशा में सीढ़ियां नहीं बनवानी चाहिए। इस दिशा का समृद्धि से सीधा संबंध है इसलिए इसे हमेशा व्यवस्थित रखने का प्रयास करना चाहिए। घर की इस दिशा में किसी भी तरह की मशीनरी वगैरह नहीं रखना चाहिए क्योंकि वह समृद्धि की राह की बाधा बन जाती है और आपके मन की शांति को भी प्रभावित करती है।

बेडरूम में धातु की वस्तु

आपके शयनकक्ष या बेडरूम में दरवाजे के सामने वाली दीवार के बाएं कोने पर धातु की कोई चीज लटकाना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार, यह भाग्य और संपत्ति का क्षेत्र होता है। इस दिशा में दीवार पर दरारें वगैरह नहीं होना चाहिए क्योंकि वे प्रसन्नाता के लिए ठीक नहीं मानी गई हैं। इस दिशा का कटा होना भी आर्थिक नुकसान का कारण होता है।

छत की ढलान की दिशा

घर की छत बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उत्तर-पूर्व दिशा की छत, दक्षिण- पश्चिम की तरफ की छत से थोड़ी नीची रहे। यानी घर की छत में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर ढलान होनी चाहिए।

घर में न हो कबाड़

टूटे-फूटे बर्तन और सामान को घर में नहीं रखना चाहिए। इस तरह के कबाड़ को जमा करके रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है। टूटा हुआ पलंग, अलमारी या लकड़ी का अन्य सामान भी घर में नहीं रखना चाहिए, इससे आर्थिक लाभ में कमी आती है और खर्च बढ़ता है। छत पर या सीढ़ियों के नीचे कबाड़ जमा करके रखना भी आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।

साफ सुथरे हों खिड़की-दरवाजे

घर के खिड़की-दरवाजों को हमेशा साफ रखना चाहिए। अगर दरवाजे-खिड़कियां साफ नहीं हों तो धन संपदा प्राप्त करने की राह में रुकावट आती है। दरवाजों पर नियत समय पश्चात पॉलिश वगैरह करवाने से सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है और अगर ऐसा संभव न हो तो साफ कपड़े से उनकी सफाई की ही जा सकती है।

मुख्य द्वार पर सजावट

अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में धन-संपदा और लक्ष्मी का वास हमेशा बना रहे तो इसके लिए जरुरी है कि आप अपने घर के मुख्य दरवाजे को सजाकर रखें। दरवाजे पर नेमप्लेट सबसे जरुरी है। इसके अलावा घर के दरवाजे पर पुरानी मालाएं वगैरह न रहे। घर के मुख्य द्वार पर तुलसी और केले के पौधे लगाना शुभ होता है।

व्यवस्थित हो पानी की निकासी

वास्तुशास्त्र के अनुसार, जल की निकासी कई चीजों को प्रभावित करती है। जिनके घर में जल की निकासी दक्षिण या पश्चिम दिशा में होती है उन्हें आर्थिक समस्याओं के साथ अन्य कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उत्तर दिशा एवं पूर्व दिशा में जल की निकासी आर्थिक दृष्टि से शुभ माना गया है।

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