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ध्वनि का गणित, जहां है इस समस्या का हल

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2016-11-02 09:00:00.0

ध्वनि का गणित, जहां है इस समस्या का हल

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ध्वनि इस समूचे ब्रह्मांड की अमिट शक्ति है। यह प्रकृति में प्रकाश का कार्य करती है। ध्वनि से कंपन पैदा होता है, जिससे वायुमंडल की सक्रियता बढ़ती है और सक्रियता से धन आता है। कंपन से नकारात्मक ऊर्जा भी नष्ट होती है।

हमारे यहां ध्वनि के लिए मंदिरों में घंटियां और घंटों का प्रयोग करते हैं और चीन में फेंगशुई के इस्तेमाल करने वाले लोग विंड चाइम का प्रयोग करते हैं। विशेषतौर पर भगवान की आरती करते समय लोग शंख, बांसुरी,ढोलक, मृदंग, मजीरा, चिमट और थाली का प्रयोग ध्वनि के लिए करते हैं। ऐसा करने पर हमारे आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाती है।

फेंगशुई के अनुसार किसी भी वाद्ययंत्र से उत्पन्न कंपन के जरिए उसके आसपास 'चि' को प्रभावित करता है। इस तरह 'चि' प्रवाहित होती है। हिंदू पुराणों के अनुसार शंख नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने के साथ ही आस-पास मौजूद बैक्टीरिया को भी नष्ट करता है। शंख, बिगुल और नगाड़ों का उपयोग युद्ध भूमि में सैनिकों में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए किया जाता था।

फेंगशुई के अनुसार घर में मधुर ध्वनि पैदा करने वाली, घंटियों यानी विंड चाइम का उपयोग करना चाहिए। इनको घर के मुख्य द्वार या ऑफिस के प्रवेश द्वार पर लटकाने से यहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है।

विंड चाइम के पाइप धातु की होने चाहिए, जिनमें से ध्वनि निकले। विंड चाइम को पूर्व और पश्चिम दिशा की ओर लगाना चाहिए ताकि ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो। ध्यान रखें विंड चाइम 5,6 या फिर 7 पाइपों की होनी चाहिए।

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