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विजयादशमी पर अद्भुत संयोग होने से यह महापर्व अत्यंत ही शुभ फलदायक रहेगा

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2016-10-11 05:26:17.0

विजयादशमी पर अद्भुत संयोग होने से यह महापर्व अत्यंत ही शुभ फलदायक रहेगा

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अश्विन शुक्लपक्ष दशमी यानी 11 अक्टूबर 2016, मंगलवार को विजयादशमी पर्व है। इस बार यह पर्व अबूझ मुहूर्त में मनाया जा रहा है। इस दिन सूर्य,बुध लग्न स्थान में एक साथ होने से बुधादित्य योग एवं गुरु से चंद्र पंचम स्थान पर होने से गजकेशरी योग निर्मित हो रहा है।

इस दिन श्रवण नक्षत्र भी सूर्यादय से लेकर सायं 7.53 तक रहेगा। रवियोग होने से यह महापर्व अत्यंत ही शुभ फलदायक रहेगा।

विजयादशमी यानी दशहरा सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा अनेक महत्वपूर्ण संदेश देता है। विजय दशमी का पर्व आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। इस दिन क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। वहीं, इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्र के दसवें दिन मनाया जाता है।

दशहरा के दिन अबूझ मुहूर्त है। इसीलिए दशहरे के दिन नए व्यापार या कार्य की शुरुआत करना अति शुभ होता है। यह अत्यंत शुभ तिथियों में से एक है, इस दिन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, स्वर्ण, आभूषण नए वस्त्र इत्यादि खरीदना शुभ होता है।

दशहरे के दिन नीलकंठ भगवान के दर्शन करना अति शुभ माना जाता है। दशहरा के दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, शस्त्र-पूजा की जाती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे।

इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। दशहरा का पर्व समस्त पापों काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, अहंकार, हिंसा आदि के त्याग की प्रेरणा प्रदान करता है दशहरे के दिन सुबह दैनिक कर्म से निवृत होने के पश्चात स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं।

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