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शिव के दो नहीं, 6 थे पुत्र, ये हैं उनके नाम

👤 Admin2 user | Updated on:2017-02-25 12:44:04.0

शिव के दो नहीं, 6 थे पुत्र, ये हैं उनके नाम

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शिवपुराण में उल्लेखित है कि भगवान शिव की अर्धांगिनी माता सती थीं। लेकिन जब माता सती का शरीर पंचतत्वों में विलीन हो गया तब माता सती ने ही राजा हिमालय और माता मेनका के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया। उनका इस रूप में, विवाह शिव के साथ ही हुआ।

माता पार्वती के वैसे 2 पुत्र थे। जिनका नाम कार्तिकेय जिन्हें दक्षिण भारत में मुरुगन के रूप में पूजा जाता है और भगवान श्री गणेश जो कि बुद्धि के देवता हैं थे। लेकिन भगवान शिव के अन्य 4 पुत्र भी थे। जिनका उल्लेख हिंदू धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।

- अयप्पा: भगवान अयय्पा का मंदिर केरल में है। जो पिछले दिनों काफी चर्चा का विषय रहा। लेकिन भगवान अयय्पा, भोलेनाथ के पुत्र हैं। उनका जन्म समुद्र मंथन के बाद हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब विष्णु जी, एक सुंदर स्त्री मोहिनी के रूप रखकर देवताओं को अमृत और दानवों को जलपान करा रही थीं। तब उनका रूप देख शिव मोहित हो गए और कुछ समय बाद अयय्पा देव का जन्म हुआ। इसलिए अयय्पा भगवान शिव के पुत्र माने जाते हैं।

- सुकेश: दरअसल सुकेश विदुय्त्केश और सालकंठकटा का पुत्र था। जिसे दंपत्ति ने लावारिस छोड़ दिया था। ऐसे में शिव-पार्वती ने सुकेश का लालन-पालन किया था। सुकेश के पूर्वज दानव कुल से संबंध रखते थे। सुकेस के जन्म के सदियों पहले हेती-प्रहेति नाम के दो राक्षस हुआ करते थे, जिनमें से हेती का पुत्र विदुय्तकेश था। और उसका ही पुत्र सुकेश था।

-भूमा: भूमा का जन्म शिव के पसीने की एक बूंद से हुआ था। भूमा, के शरीर पर चार भुजाएं थी। यही भूमा कुछ समय बाद मंगल लोक के देवता के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

- जलंधर: पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार शिव ने अपने शरीर से निकल रहे तेज को समुद्र में फेंक दिया। जिससे जलंधर का जन्म हुआ। वह शिव की तरह ही शक्तिशाली था। उसकी पत्नी वृंदा पतिव्रता थी। जिनकी शक्ति से उसने तीनों लोक पर विजय प्राप्त कर लीं। लेकिन विधि का विधान कुछ ऐसा बना कि जलंधर का अंत शिव को करना पड़ा।

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