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महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन को लाखों भक्त उज्जैन पहुंचे हैं।

👤 chinu dhingra | Updated on:2017-02-24 07:25:18.0

महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन को लाखों भक्त उज्जैन पहुंचे हैं।

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महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन को लाखों भक्त उज्जैन पहुंचे हैं। महाशिवरात्रि के बाबा महाकाल के श्रृंगार को कुछ अलग प्रकार से प्रस्तुत किया। यहां वर्चुअल आर्टिस्ट अक्षय आमेरिया ने भस्मारती की रिपोर्टिंग की और विजुअल इंटरप्रिटेशन यानी रेखांकन के माध्यम से बताया कि किस तरह महाकाल का श्रृंगार होता है।

- 12 ज्योतिर्लिंग में महाकाल ही ऐसे हैं, जहां एक दिन में चार मर्तबा तक शृंगार होता है। यहां के पुजारी इस कला में इतने सिद्धहस्त हो गए हैं कि वे शिवलिंग पर चंद मिनट में ही विशेष आकृति उकेर देते हैं।
- अक्षय ने बताया कि बुधवार तड़के तीन बजे। महाकाल का आंगन। मैं भस्मारती देखने पहुंचा। वहां मौजूद हर कोई प्रमुदित अध्यात्म की अनुभूति और जय महाकाल के उद्घोष में डूबता नजर आ रहा था।
- मेरा कला मन इन दृश्यों को कागजों पर उकेरने लगा। नंदीगृह में भारी भीड़ थी। पुजारी भगवान की सेवा में तो भक्त शिव को भस्म रमाते देखने के लिए उत्सुक थे।
- गर्भगृह में शिवलिंग पर पुजारी मंत्रोच्चार के साथ पूजन की विधि पूरी कर रहे थे। तड़के के 4.30 बज गए। मंत्रों से ऊर्जामय गर्भगृह में बाबा का जल स्नान, पंचामृत स्नान और अन्य विधियां पूरी होती रही।
- फिर वह क्षण आया जिसका मुझे इंतजार था। 4.40 बजे पुजारियों ने ज्योतिर्लिंग का शृंगार शुरू किया। तीन चार पुजारी शृंगार सामग्री लिए शिवलिंग पर महाकाल को साकार करने में जुटे।
- कोई सामग्री ला रहा था तो कोई शृंगार में मदद कर रहा था। उनके बीच का तालमेल, समय प्रबंधन और सधे हाथों की कारीगरी देखते बनती थी।
- उन्होंने पहले चंद्राकार उकेरा, मस्तक पर बिल्व पत्र और फूलों का मुकुट सजाया, चंदन, रोली, कुमकुम से नेत्र, मुख, मूंछें बनीं और... सजीव महाकाल की बोलती प्रतिमा सामने थी।
- मैंने महसूस किया अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सवों में आज जिस आर्ट इंस्टालेशन की चर्चा है उसके महारथी तो महाकाल में सदियों से हैं।
- आर्ट इंस्टालेशन में कलाकार विभिन्न विधाओं के बीच सामंजस्य से कलाकृति उकेरता है। यही तो पुजारी भी कर रहे थे।
- मंझे हुए कलाकार को इस चित्रांकन में घंटों लगते हैं लेकिन ये पुजारी हजारों की भीड़ में भी पूरी एकाग्रता से मिनटों में चित्र उकेर देते हैं।
- अक्षय आमेरिया वर्चुअल आर्टिस्ट हैं। उन्होंने वड़ोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी से आर्ट में डिग्री ली। उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

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