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कब प्रवेश करती है, गर्भ में मौजूद शिशु भ्रूण में 'आत्मा

👤 Admin2 user | Updated on:2017-01-30 08:53:28.0

कब प्रवेश करती है, गर्भ में मौजूद शिशु भ्रूण में आत्मा

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वैज्ञानिक मानकों पर यह सिद्ध हो चुका है। गर्भ धारण के बाद लगभग 40 से 48 दिन से ज्यादा हो जाएं, तो महिला को गर्भपात नहीं कराना चाहिए, क्योंकि यही वह समय होता है जब शिशु भ्रूण में आत्मा का प्रवेश होता है।

इसके पहले शरीर सिर्फ छोटे आकार की कोशिकाओं का एक ढेर होता है। कोशिकाओं का यह ढेर जीव बन जाता है।

इसके अलावा एक प्रश्न और लोगों की जिज्ञासा का केंद्र होता है। और वह यह कि जीवों की संख्या इस पृथ्वी पर इतनी अधिक है? लेकिन मनुष्य योनि में जन्म कैसे मिलता है?

इस प्रश्न का सीधा उत्तर यही है कि, 'पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण कोई भी जीव मनुष्य योनि में जन्म लेता है।'

पुराणों में उल्लेखित है कि, 'किसी पशु के लिए (जिसका जन्म पहले ही पशु योनि में हुआ हो) मनुष्य योनि में जन्म लेना कठिन है'। क्योंकि पशु के लिए साधना करना बहुत कठिन होता है।

फिर भी यदि पशु ने कभी प्रसाद खाया हो या किसी संत-महात्मा की कुटिया में रहता हो, तो वह मरने के बाद मनुष्य योनि में जन्म लेता है।

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