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कौआ एक पक्षी है, इसे हानिकारक न बनाएं

👤 Admin2 user | Updated on:2017-01-24 07:35:46.0

कौआ एक पक्षी है, इसे हानिकारक न बनाएं

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हाल ही में इस तरह की खबर आई कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कौवों की वजह से परेशान हैं। इससे पहले, सिद्धारमैया ने अपनी सरकारी कार उस वक्त बेच दी थी, जब उस पर एक कौवा आकर बैठ गया था। घटना बीते साल की है।

दरअसल, ये एक ऐसी घटना थी, जो भारतीय रीति-रिवाजों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है? वैसे यह वही कौआ है जिसे श्राद्ध पक्ष में देवदूत माना जाता है। हिंदू पौराणिक ग्रंथों के मतानुसार कौआ देवदूत कहलाता है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में कौए को भोजन करवाया जाता है। ताकि उसके द्वारा ग्रहण किया गया भोजन पूर्वजों की आत्मा को तृप्त कर सके।

गोस्वामी तुलसीदास जी रचित श्रीरामचरितमानस के उत्तरकाण्ड में काकभुशुण्डि का उल्लेख मिलता है, वह भी कौए का ही एक रूप थे। वह काफी विद्वान माने गये हैं। उन्होंने श्रीरामकथा का वाचन किया था। इसके अलावा शनिदेव के वाहन के रूप में भी कौआ सुशोभित है।

कौए से जुड़ी तमाम मान्यताओं में एक मान्यता यह भी है कि वह जिस घर की मुंडेर पर बोलता है। उस घर में अतिथि का आगमन होता है।

लेकिन वहीं यह अंधविश्‍वास भी है कि यदि कौआ किसी के सिर पर बैठ जाए तो उस व्यक्ति की मृत्यु जल्द हो जाती है। विचार करने वाली बात यह है कि जिस पक्षी को पुराणों में देवदूत, देवतुल्य स्थान दिया गया है। वह किसी के अहित का कारण क्यों बनेगा।

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