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नेता बनने की रखते हैं ख्वाहिश, तो स्वयं को ऐसे परखें

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2017-01-11 12:00:17.0

नेता बनने की रखते हैं ख्वाहिश, तो स्वयं को ऐसे परखें

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नेता हर व्यक्ति नहीं बनता। लेकिन जो बनता है, यदि वह अपनी सामर्थ्य और जनहित के बारे में न केवल विचार करे बल्कि जनकल्याण भी करे तो वही सच्चा और अच्छा नेता होता है। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव बताते हैं...

आखिर नेता बनने का मतलब क्या है? कोई भी शख्स तब तक खुद को नेता नहीं कह सकता, जब तक कि उसके जीवन में कोई ऐसा लक्ष्य न हो जो उससे भी बड़ा हो। व्यक्ति नेता तब बनता है, जब वह अपनी व्यक्तिगत सीमाओं से आगे बढक़र सोचने लगता है, महसूस करने लगता है। कार्य करने लगता है।

लेकिन कोई शख्स सही अर्थों में तब तक नेता बन ही नहीं सकता जब तक उसके जीवन का अनुभव और जीवन को देखने का तरीका उसकी व्यक्तिगत सीमाओं से परे न चला जाए।

अगर हम आध्यात्मिक तत्वों को मानवीय अनुभव में लाए बिना नेता पैदा करने हैं तो यह एक जबरदस्ती वाली बात होगी। अगर अपनी अनुभूतियों के फलक का विस्तार नहीं करते हैं तो नेतृत्व आपके लिए एक थोपी गई चीज होगी।

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