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जब तीन बाउंसर सिर पर लगने के बाद रोने लगे थे रहाणे

👤 A2ZNews Channel | Updated on:2017-01-16 05:58:34.0

जब तीन बाउंसर सिर पर लगने के बाद रोने लगे थे रहाणे

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टीम इंडिया में मध्य क्रम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी जगह बना चुके अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट की शुरूआत मैटिंग पिच पर अभ्यास से की थी और पिता ही उनके पहले कोच थे। मध्यम परिवार में पले-बढ़े इस क्रिकेटर ने गांव से शहर का रूख किया। इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में भारत 'ए' के कप्तान अजिंक्य हालांकि शतक चूक गए, लेकिन टीम की जीत में अहम भूमिका निभाकर वे फिर सुर्खियों में हैं।

6 जून 1988 को अश्वी खुर्द, अहमदनगर (महाराष्ट्र) में जन्में अजिंक्य को सर्वप्रथम क्रिकेट पिच पर बल्लेबाजी के लिए पिता मधुकर बाबू राव लेकर गए।

तब वे महज 7 साल के थे। मैटिंग पिच पर अजिंक्य के सामने गेंदबाज पिता और क्षेत्ररक्षण की पोजिशन पर बहन अपूर्वा और भाई शशांक हुआ करते थे। पिता को चूंकि क्रिकेट से लगाव था इसलिए वे चाहते थे कि अजिंक्य भी क्रिकेटर बने। धीरे-धीरे अजिंक्य की रुचि क्रिकेट में बढ़ी तो परिवार को लेकर पिता डोंबिवली (मुंबई) आ गए। अजिंक्य रोज डोंबिवली से आजाद मैदान आते थे।

भारी-सी क्रिकेट किट को कंधे पर टांगे वे रोज चार घंटे सफर तय करते थे। क्रिकेट का प्रारंभिक ज्ञान प्रवीण आमरे से उन्हें हुआ। इसके बाद इस प्रतिभाशाली क्रिकेटर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि वे इसके अलावा कराते भी खेलते हैं और ब्लैक बेल्ट भी हैं।

कभी पड़ोसन आज पत्नी अजिंक्य व राधिका धोपावकर की शादी अरेंज्ड जरुर है, लेकिन दोनों की पहचान काफी पुरानी है। राधिका उनके मुंबई स्थित मुलुंड इलाके में पड़ोसी थीं। वैसे राधिका पुणे की हैं। अजिंक्य शादी से पहले राधिका को माई बेस्ट फ्रेंड कहकर संबोधित करते थे। अजिंक्य ने अपने अफेयर को इतना गोपनीय रखा कि टीम इंडिया के साथी खिलाड़ियों तक को इसकी भनक नहीं लगने दी।

रोचक लेकिन दिलचस्प

2002 में वे भारतीय अंडर-15 टीम के सदस्य थे। जबकि 2007 में अंडर-19 टीम में चुने गए। विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, ईशांत शर्मा साथी क्रिकेटर थे।

1 टेस्ट में सबसे अधिक 8 कैच (7 स्लिप, 1 गली) लेने का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है।

2008 में विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ 187 रन (142 गेंद) बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर का 186 रनों का उच्चतम स्कोर का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा था।

बाउंसर से डरे, रोए, फिर संभले और जड़े पांच चौके

8 साल की उम्र में उनसे तीन गुना उम्र के एक गेंदबाज ने उन्हें सिर पर लगातार तीन बाउंसर डाले। तीनों बाउंसर झेलने के बाद वे काफी डर गए और वहीं रोने लगे थे। हालांकि इसके बाद उन्होंने मां सुजाता की कही बात को याद करते हुए खुद को संभाला और फिर डर को दूर किया। थोड़ी देर बाद उन्होंने गेंदबाज को लगातार 5 चौके जड़कर उसकी हालत खराब कर दी।


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