टीटीपी बढ़ा रहा है अल-कायदा की ताकतः अमेरिका
Saturday, 28th August 2010
अमेरिका का मानना है कि पाकिस्तान स्थित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अल कायदा की ताकत बढ़ाने का स्रोत है। यह अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है और पाकिस्तान की सरकार को गिराना चाहता है। आतंकवाद निरोधी मामलों से संबंधित दूत डेनियल बेंजामिन ने कहा कि अमेरिका को जिस आतंकवादी संगठन से सबसे ज्यादा खतरा है, टीटीपी उसका एक अहम भाग है। टीटीपी और अल कायदा के बीच गहरा संबंध है। टीटीपी को अल कायदा से वैचारिक मार्गदर्शन मिलता है, वहीं अल कायदा को पश्तून इलाके में सुरक्षित पनाह के लिए टीटीपी की जरूरत है।नेताओं की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध-वाशिंगटन ने कल टीटीपी को विदेशी आतंकवादी संगठनों (एफटीओ) की सूची में डाल दिया, जिसके बाद अब इसके नेताओं की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लग सकेगा। बेंजामिन ने विदेश मंत्रालय के संवाददाताओं से कहा कि इस आपसी सहयोग से टीटीपी को अल कायदा के वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क तक पहुंच और उसके सदस्यों को आतंकवादी अभियानों का अनुभव मिलता है। दोनों गुटों की नजदीकी और उनके संबंधों की प्रवृत्ति देखते हुए कहा जा सकता है कि टीटीपी अल कायदा की ताकत बढ़ाने वाला गुट है। बेंजामिन ने कहा कि टीटीपी के हजारों सदस्य हैं।
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