दागी खिलाड़ियों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत : लोर्गट
Saturday, 4th September 2010
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आईसीसी के सीईओ हारून लोर्गट का कहना है कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के आरोपित पाकिस्तान के तीनों खिलाड़ियों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। लिहाजा आईसीसी ने सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीसीबी को अपने खिलाड़ियों की निलंबन की पूरी जानकारी थी। लोर्गट ने यह भी कहा कि हैंसी क्रोनिए प्रकरण के बाद से क्रिकेट में फिक्सिंग का यह सबसे बड़ा मामला है। पिछले एक हफ्ते द्यह्य स्कैंडल को लेकर काफी कुछ सुना गया। पाकिस्तान बोर्ड ही नहीं आईसीसी की भी काफी किरकिरी हुई।ढुलमुल रवैये की वजह से उठाया कदम-पीसीबी के ढुलमुल रवैया की वजह से आईसीसी को यह कदम उठाना पड़ा क्योंकि मीडिया में चल रही अटकलबाजियों से लोगों का इन खिलाड़ियों पर से विश्वास उठ गया था। पहले पीसीबी ने इंग्लैंड दौरे से इन खिलाड़ियों को बाहर करने का ऐलान किया जबकि बुधवार रात पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट ने यह कहा कि ये खिलाड़ी खेलने को उपलब्ध हैं। पाकिस्तान के खेल मंत्री जखरानी ने भी इन खिलाड़ियों के वन-डे सीरीज में उपलब्ध रहने की बात कहीं जबकि लंदन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद एस हसन ने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी निर्दोष हैं। आप ही बताइए ऐसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की बयानबाजी कहां तक उचित है! उन्होंने कहा कि आईसीसी हमेशा वही करती है जो उसे अच्छा लगता है।
आरोपों और अनुमान पर काम नहीं-अगर पर्याप्त सुबूत नहीं होते तो हम कोई कार्रवाई करते ही नहीं। साथ ही आईसीसी को अपने स्पांसरों की चिंता थीं। अगर इन खिलाड़ियों को सीरीज में आगे खेलने की अनुमति दी जाती तो वे अपने हाथ खींच सकते थे। लिहाजा हमने वही किया जो हमें उचित लगा। हम आरोपों और अनुमान पर काम नहीं करते। हम तथ्यों तक जाते हैं और जब तक पुख्ता सुबूत नहीं होते तब तक हम कार्रवाई नहीं करते। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के तमाम सदस्य एक स्वायत्त इकाई है। लिहाजा यह पीसीबी की जवाबदेही बनती है कि मामले की सही ढंग से छानबिन कराए।
स्कॉटलैंड यार्ड ने की आमेर से पूछताछ-स्कॉटलैंड यार्ड ने पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर से पूछताछ की। आमेर से उत्तरी लंदन के किलबर्न पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई। इस दौरान उनके वकील भी मौजूद थे। आमेर पर आरोप है कि इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स टेस्ट में कथित मैच फिक्सर मजहर मजीद के कहने पर उसने जानबूझ कर नो बॉल फेंकी थी।पहली बार इस्तेमाल हुई भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता-स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर कार्रवाई करने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पहली बार अपनी भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के तहत क्रिकेटरों को निलंबित किया है। अस्थायी निलंबन खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए बनी आचार संहिता की धारा 4-6 के तहत किया गया। यह आचार संहिता पिछले साल छह अक्तूबर से लागू हुई है और आईसीसी के सभी सदस्य देशों ने इसे मंजूरी दी है। इसके तहत तीनों दागी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ किसी भी तरह का क्रिकेट नहीं खेल सकेंगे। आरोप साबित होने पर उन पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। खिलाड़ियों के पास आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय है।
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