ओबामा ने लगाए उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध
Wednesday, 1st September 2010
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया पर और अधिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य उत्तर कोरिया की ओर से हो रहे हथियारों और अन्य अवैध व्यापारों को रोकना बताया जा रहा है। प्रतिबंध खासतौर पर ऑफिस 39 को निशाना बनाते हुए लगाए गए हैं। ऑफिस 39 उत्तर कोरिया की एक खुफिया शाखा है, जो मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा देश के नेतृत्व के लिए भी कोष की व्यवस्था करती है। प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया में परंपरागत हथियारों के आयात-निर्यात से जुड़े आधारभूत ढांचे, ग्रीन पाइन एसोसिएटेड कारपोरेशन, इसकी मुख्य संस्था रीकनएसेंस जनरल ब्यूरो और ब्यूरो के कमांडर लेफ्टिनेंट जरनल किम योंग चोल को भी निशाना बनाया गया है। इन प्रतिबंधों के घेरे में दो व्यापारिक फर्में, कोरिया टीसोंग ट्रेडिंग कंपनी और कोरिया हेउंगजिन ट्रेडिंग कंपनी भी आएंगी. इन दोनों कंपनियों पर आरोप है कि ये ईरान और सीरिया के साथ हथियारों का सौदा कर रही डीलर कंपनी केओएमआईडी की ओर से काम करती हैं।अवैध गतिविधियों पर लगाम कसेगी-ओबामा की ओर से जारी एक आदेश के बाद आतंकवाद और आर्थिक खुफिया शाखा के उप मंत्री स्टुअर्ट लेवे ने कहा कि इस नए आदेश के बाद अमेरिकी सरकार को हथियारों की बिक्री और उनकी प्राप्ति, धन शोधन और दूसरी आर्थिक अनियमित गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। लेवे ने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तर कोरिया सरकार की अवैध गतिविधियों और लड़ाकू व्यवहार के बारे में दुनिया भलीभांति जानती है, इसे देखते हुए राष्ट्रपति ने फैसला किया है कि इसके लगातार उकसावे वाले कार्यों के लिए उस पर और प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों से उत्तर की ओर से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर लगाम कसेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ये प्रतिबंध उत्तर कोरिया के लोगों को प्रभावित नहीं करेंगे।
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